हिजबुल्लाह के ड्रोन हमलों से बचाव के लिए इजराइल ने अपनाई नई रणनीति
इजराइली सेना (IDF) हिजबुल्लाह के घातक ड्रोन हमलों से बचने के लिए एक बहुत पुराना और दिलचस्प तरीका अपना रही है। लेबनान सीमा के पास इजराइली सैनिकों की जगह उनके पुतले (dummies) तैनात किए जा रहे हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई, जिसमें लेबनान के एक घर के अंदर सैनिकों जैसी दिखने वाली गुड़िया रखी थी। हिजबुल्लाह के समर्थक इसे इजराइली सैनिकों की मौजूदगी का सबूत मानकर शेयर कर रहे थे, जबकि असल में यह उन्हें गुमराह करने की एक चाल थी। यह तकनीक दूसरे विश्व युद्ध की याद दिलाती है, जब दुश्मन को धोखा देने के लिए नकली टैंकों का इस्तेमाल किया जाता था।
हिजबुल्लाह के ड्रोन और आयरन डोम पर खतरा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिजबुल्लाह के 'एफपीवी' (FPV) ड्रोन इजराइल के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। मार्च 2026 में गोलान हाइट्स के एयर डिफेंस पोस्ट पर बड़ा हमला हुआ और मई 2026 में इजराइल के अभेद्य माने जाने वाले 'आयरन डोम' सिस्टम पर भी दो ड्रोन हमलों की खबरें आईं। हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने न केवल मशीनों को, बल्कि उनके रखरखाव में जुटी टीम को भी निशाना बनाया है। हालांकि, इजराइल ने रखरखाव दल पर हमले की पुष्टि नहीं की है, लेकिन हिजबुल्लाह ने वीडियो जारी कर अपनी बढ़ती ताकत का प्रदर्शन जरूर किया है।
हजारों रॉकेट और तनावपूर्ण संघर्ष का इतिहास
इजराइल के उत्तरी क्षेत्र में हिजबुल्लाह ने अब तक हजारों रॉकेट और ड्रोन दागे हैं, जिससे कई नागरिकों और सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इस तनाव के जवाब में इजराइल ने सितंबर 2024 में भीषण हवाई हमले शुरू किए थे, जिसमें हिजबुल्लाह के सबसे बड़े नेता हसन नसरल्लाह को मार गिराया गया। इसके बाद अक्टूबर 2024 में इजराइल ने लेबनान के अंदर जमीनी कार्रवाई भी की। हालांकि, नवंबर 2024 में अमेरिका की कोशिशों से युद्धविराम (Ceasefire) हुआ, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि दोनों ओर से आज भी भारी तनाव बना हुआ है।
आधुनिक युद्ध में पुरानी रणनीति का महत्व
आज के दौर में जहाँ मिसाइलें और रडार जैसे आधुनिक हथियार युद्ध का हिस्सा हैं, वहां पुतलों का इस्तेमाल यह दिखाता है कि युद्ध जीतने के लिए केवल ताकत नहीं, बल्कि 'दिमाग' और 'धोखा' भी जरूरी है। इजराइल इन डमी सैनिकों के जरिए हिजबुल्लाह के महंगे ड्रोनों को बेकार करना चाहता है, ताकि जब ड्रोन हमला करें, तो वे असली सैनिकों के बजाय केवल लकड़ी या प्लास्टिक के पुतलों को ही निशाना बना सकें। इससे इजराइली सेना को अपनी रणनीति बनाने और असली ठिकानों को सुरक्षित रखने का समय मिल जाता है।

हाईवे पर भीषण भिड़ंत से मचा कोहराम, लखीमपुर खीरी में नौ की मौत
ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में बड़ा खुलासा, बिना लिगेचर मटेरियल के दे दी PM रिपोर्ट
लगातार हार से दबाव में पंजाब किंग्स, प्रीति जिंटा और श्रेयस अय्यर की बातचीत बनी सुर्खियां
दमोह में दुकान बंद होने के बाद भी धड़ल्ले से बिक रही शराब, सामने ही युवक ने खोला ढक्कन
टीम इंडिया में बड़ा बदलाव संभव, सूर्यकुमार की कप्तानी और पंत की भूमिका पर सस्पेंस
ब्रह्मोस मिसाइल से लैस 3 नए वॉरशिप भारतीय नौसेना में शामिल, बढ़ेगी समुद्री ताकत