नक्सलवाद पर अमित शाह का कांग्रेस पर हमला, बोले- सहयोग नहीं मिला
जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की अहम बैठक के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस उच्च स्तरीय पत्रकार वार्ता में उनके साथ मंच पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के डायरेक्टर तपन कुमार डेका और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन भी मौजूद रहे। इस दौरान गृहमंत्री ने बस्तर और देश के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा की, जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था।
तय डेडलाइन से पहले ही नक्सलवाद का पूर्ण खात्मा
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 31 मार्च 2026 की निर्धारित समय-सीमा (डेडलाइन) के बाद यह उनका पहला बस्तर दौरा है। उन्होंने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए एलान किया कि सुरक्षाबलों की बहादुरी, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के बदौलत तय तारीख से पहले ही देश से नक्सलवाद का पूरी तरह से उन्मूलन कर दिया गया है। गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर अब पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है और दशकों से चला आ रहा भय का माहौल तथा बंदूकों के साये में जीवन जीने की विवशता अब हमेशा के लिए समाप्त हो गई है।
बस्तर में संपूर्ण विकास कार्यों का ऐतिहासिक आगाज
नक्सलवाद के खात्मे के साथ ही गृहमंत्री ने क्षेत्र के उज्जवल भविष्य का खाका खींचा। उन्होंने कहा कि 19 मई 2026 को बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए एक व्यापक कार्ययोजना और संपूर्ण विकास कार्यों को आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया गया है। अब बस्तर की जनता बिना किसी डर के शांति और खुशहाली के नए युग में प्रवेश कर रही है।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के असहयोग पर निशाना
अमित शाह ने अभियान की सफलता का जिक्र करते हुए पिछली राजनीतिक अड़चनों की भी बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के कई गैर-भाजपा मुख्यमंत्रियों और उनकी सरकारों ने केंद्र के नक्सल मुक्त अभियान का पूरा समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने इस राष्ट्रीय सुरक्षा के अभियान में आवश्यक सहयोग नहीं दिया।
भाजपा सरकार बनते ही अभियान में आई तेजी
गृहमंत्री ने राज्य में हुए सत्ता परिवर्तन को इस सफलता का टर्निंग पॉइंट बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि 13 दिसंबर 2023 को छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार के गठन के तुरंत बाद ही केंद्र और राज्य ने मिलकर बस्तर में बचे हुए नक्सलियों के खिलाफ एक निर्णायक और लक्षित अभियान शुरू किया। इसी त्वरित और समन्वित कार्रवाई का परिणाम है कि आज बस्तर की फिजाओं में नक्सली आतंक की जगह विकास और आनंद का माहौल स्थापित हो चुका है।

पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही खरगे का वार, बोले- जनता पर बोझ डाल रही केंद्र सरकार
सील फैक्ट्री की बीयर बाजार में पहुंचने से मचा हड़कंप
नक्सलवाद पर अमित शाह का कांग्रेस पर हमला, बोले- सहयोग नहीं मिला
IND vs AFG Test Squad: अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट के लिए टीम इंडिया का ऐलान
प्लेऑफ की आखिरी जगह पर रोमांचक जंग, किसका टूटेगा सपना?
शुभेंदु के फैसले पर गरमाई राजनीति, हुमायूं कबीर ने उठाए तीखे सवाल