बैरिया में कितना हुआ विकास, कितना बाकी? विधायक के रिपोर्ट कार्ड पर उठ रहे सवाल
बलिया: लोकनायक जयप्रकाश नारायण, 'छोटे लोहिया' जनेश्वर मिश्र और प्रख्यात साहित्यकार केदारनाथ सिंह की वैचारिक कर्मभूमि रहा 363-बैरिया विधानसभा क्षेत्र आज विकास की दौड़ में प्रशासनिक उपेक्षा और प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है। वर्ष 2012 के परिसीमन से पूर्व 'द्वाबा' नाम से प्रसिद्ध यह क्षेत्र हमेशा से समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्तमान में क्षेत्र के नागरिकों के लिए सड़क, बिजली, पेयजल, लंबी दूरी की परिवहन सुविधाएं और गंगा-सरयू नदियों का विकराल कटान सबसे बड़ी चुनौतियां बने हुए हैं।
विधायक जयप्रकाश अंचल का पक्ष: उपेक्षा का आरोप
सपा विधायक जयप्रकाश अंचल का कहना है कि विपक्ष का जनप्रतिनिधि होने के कारण सरकार उनके विकास प्रस्तावों को गंभीरता से नहीं ले रही है:
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स्वीकृत परियोजनाएं: उनके प्रयासों से शिवपुर घाट पर सड़क पुल, सोनबरसा में 100 बेड का अस्पताल और बैरिया-सुरेमनपुर मार्ग का निर्माण कार्य संपन्न हुआ है। साथ ही विद्युत व्यवस्था में सुधार हेतु करीब 350 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई।
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लंबित योजनाएं: धन के अभाव में झरकटहा और लालगंज में प्रस्तावित विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण अटका हुआ है। इसके अतिरिक्त बैरिया से लखनऊ, कानपुर और दिल्ली के लिए सीधी रोडवेज बस सेवा शुरू करने के प्रस्ताव लंबित हैं।
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कटान की गंभीर समस्या: सुरेमनपुर दियरांचल में लगभग 500 एकड़ और नौरंगा, गोपालपुर, दुबे छपरा व उदई छपरा क्षेत्रों में 300 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि नदियां निगल चुकी हैं। ग्रामीण अपने मकानों को स्वयं तोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष का पलटवार
भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने विधायक के दावों को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र विकास के मापदंडों पर पिछड़ चुका है। उन्होंने कहा कि विधायक जनता की समस्याओं से दूरी बनाए हुए हैं और विधायक निधि से कराए जाने वाले कार्यों में पारदर्शिता का सर्वथा अभाव है। जनता पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को याद कर रही है।
जनता की राय और जनसमस्याएं
क्षेत्रीय नागरिकों ने मूलभूत सुविधाओं को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है:
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प्रशासनिक उदासीनता: प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के समन्वय की कमी से जनहित के मुद्दे प्रभावित हो रहे हैं।
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व्यापारिक एवं कृषि संबंधी मांगें: स्थानीय व्यापारियों ने बाजारों में सुरक्षा हेतु सीसीटीवी कैमरे लगाने और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। वहीं किसानों ने जर्जर बिजली ढाँचे को ठीक करने तथा फसलों का उचित मूल्य दिलाने पर जोर दिया है।
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महिला सुरक्षा: महिलाओं का मानना है कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है, किंतु शिक्षा, स्वास्थ्य एवं शुद्ध पेयजल के क्षेत्रों में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।
363-बैरिया विधानसभा क्षेत्र: एक नज़र में (जनसांख्यिकी डेटा)
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पुरुष मतदाता: 1,69,294
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महिला मतदाता: 1,30,916
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थर्ड जेंडर: 07
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कुल मतदाता: 3,00,217

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