अनिल पाटिल ने NDA में जाने की चर्चाओं को किया खारिज, शिंदे-फडणवीस से मुलाकात पर दी सफाई
मुंबई। महाराष्ट्र की सियासत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के एनडीए में शामिल होने की चल रही अटकलों पर पार्टी विधायक अनिल पाटिल ने पूर्णविराम लगा दिया है। उन्होंने इन चर्चाओं को पूरी तरह निराधार और केवल अफवाह करार दिया है। पाटिल ने स्पष्ट किया है कि पार्टी की ओर से गठबंधन में शामिल होने का कोई प्रस्ताव नहीं है और ऐसी खबरें वास्तविकता से कोसों दूर हैं।
प्रशासनिक मुलाकातों का राजनीतिक अर्थ निकालना गलत
अनिल पाटिल ने वरिष्ठ नेताओं की मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से हालिया मुलाकातों पर सफाई देते हुए कहा कि ये बैठकें पूरी तरह से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के विकास कार्यों और लंबित प्रशासनिक मुद्दों तक ही सीमित थीं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जयंत पाटिल ने शहरी विकास विभाग से जुड़े स्थानीय नगर पालिका मामले पर चर्चा की थी। इसी तरह, पार्थ पवार और अन्य नेताओं की मुलाकातें भी क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं से संबंधित थीं, जिन्हें राजनीतिक चश्मे से देखना गलत है।
विधायकों का समर्थन और पार्टी का रुख
एनडीए में शामिल होने की अफवाहों को खारिज करते हुए पाटिल ने कहा कि किसी सरकारी विधेयक का समर्थन करने को सरकार या गठबंधन के साथ जोड़ना तार्किक नहीं है। जनप्रतिनिधि अक्सर जनहित और मुद्दों के आधार पर सदन में अपना रुख तय करते हैं, जो उनके दायित्व का हिस्सा है। उन्होंने सुप्रिया सुले के बयानों का समर्थन करते हुए दोहराया कि पार्टी नेतृत्व का रुख पूरी तरह स्पष्ट है और इसमें किसी भी तरह के बदलाव की कोई योजना नहीं है।
नेतृत्व परिवर्तन की खबरों को बताया भ्रामक
स्वयं के प्रदेश अध्यक्ष बनने की चर्चाओं पर भी अनिल पाटिल ने प्रतिक्रिया दी और इसे कोरी अफवाह बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति की एक तय संगठनात्मक प्रक्रिया है और फिलहाल पार्टी में इस तरह का कोई बदलाव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा अध्यक्ष संगठन को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं और ऐसी खबरें केवल मीडिया द्वारा फैलाई गई भ्रामक जानकारी हैं, जिसका पार्टी की कार्यप्रणाली से कोई लेना-देना नहीं है।

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