प्रेम प्रसंग का खूनी अंजाम! पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति की ली जान, जांच में खुला राज
इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ प्रेम प्रसंग के चक्कर में एक पत्नी ने अपने ही सुहाग को मौत के घाट उतार दिया। मार्च महीने में गैर-मर्द के साथ रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने का बेहद खौफनाक प्लान तैयार किया। आरोपियों ने पहले पीड़ित को दूध में नींद की दवाइयां मिलाकर गहरी बेहोशी की नींद सुला दिया, फिर गमछे से गला घोंटकर बड़ी बेरहमी से उसकी जान ले ली। इस जघन्य हत्याकांड को आत्महत्या का रूप देने के लिए आरोपियों ने शव को घर के भीतर ही पंखे से लटका दिया था। हालांकि, डॉक्टरों के पैनल द्वारा की गई विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का भंडाफोड़ करते हुए आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। यह पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तोड़ा गांव का है।
आधी रात को फंदे पर झूलता मिला था शव, बार-बार बयान बदलने पर गहराया शक
पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रविवार की रात करीब 1:30 बजे तोड़ा गांव के रहने वाले 35 वर्षीय आनंद राजपूत उर्फ महबूब का शव उनके अपने ही मकान में पंखे से लटका हुआ पाया गया था। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची सिविल लाइन पुलिस, सर्विलांस सेल और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जब पुलिस ने मृतक की 30 वर्षीय पत्नी आशिकी देवी से घटना के संबंध में प्रारंभिक पूछताछ शुरू की, तो उसके बयान बार-बार बदलते रहे। पुलिस को गुमराह करने की उसकी इस कोशिश ने तफ्तीश का रुख मोड़ दिया। महिला पर शक गहराने के बाद जब महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उससे सख्ती से पूछताछ की गई, तो वह टूट गई और उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने का गुनाह कबूल कर लिया। इसके तुरंत बाद पुलिस ने दबिश देकर उसके 24 वर्षीय प्रेमी शिवम को भी धर दबोचा।
प्रतिशोध की आग: आपत्तिजनक हालत में पकड़कर पति ने भिजवाया था जेल
मामले का खुलासा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी आशिकी देवी का अपने ही गांव के रहने वाले और रिश्ते में भतीजे लगने वाले शिवम के साथ काफी समय से अवैध प्रेम संबंध चल रहा था। जब आनंद राजपूत को अपनी पत्नी के इस अनैतिक रिश्ते की भनक लगी, तो घर में आए दिन विवाद होने लगा। इसी साल मार्च के महीने में आनंद ने दोनों प्रेमियों को अपने ही घर में आपत्तिजनक अवस्था में रंगे हाथों पकड़ लिया था। उस समय आनंद ने कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए शिवम के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने शिवम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
करीब तीन महीने जेल की हवा खाने के बाद आरोपी शिवम इसी साल एक जून को जमानत पर बाहर आया था। जेल से छूटते ही उसके सिर पर प्रतिशोध का भूत सवार हो गया। शिवम और आशिकी का मानना था कि जब तक आनंद जिंदा रहेगा, तब तक वे दोनों कभी एक नहीं हो पाएंगे और आनंद के कारण ही शिवम को जेल जाना पड़ा था, इसलिए दोनों ने आनंद को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
वारदात के लिए खरीदा गया था कीपैड फोन, पुलिस ने बरामद किए साक्ष्य
एसएसपी के मुताबिक, दोनों शातिर अपराधियों ने पुलिस से बचने के लिए बेहद चालाकी से काम लिया था। हत्याकांड को अंजाम देने से ठीक चार दिन पहले शिवम ने अपनी प्रेमिका आशिकी को एक नया कीपैड मोबाइल फोन और नया सिम कार्ड लाकर दिया था ताकि उनके बीच होने वाली बातचीत की भनक आनंद या परिवार के किसी अन्य सदस्य को न लग सके। वारदात वाली रात इसी फोन के जरिए दोनों लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया अंगोछा (गमछा), मृतक आनंद की उंगली से निकाली गई सोने की अंगूठी, उसका एंड्रॉइड स्मार्टफोन और साजिश में इस्तेमाल किया गया वह गुप्त कीपैड मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।
तीन घंटे की वीडियोग्राफी और फॉरेंसिक जांच से बेनकाब हुए हत्यारे, टीम को मिलेगा इनाम
इस मामले में पुलिस ने बेहद समझदारी दिखाई। शव का सामान्य रूप से पोस्टमार्टम कराने के बजाय दो विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल से कैमरे की निगरानी (वीडियोग्राफी) में करीब तीन घंटे तक विस्तृत पोस्टमार्टम कराया गया। मृतक के गले पर मिले संदिग्ध निशानों और अंदरूनी चोटों की तस्वीरों को सुरक्षित कर स्टेट फॉरेंसिक लैब के विशेषज्ञों के पास भेजा गया, जिन्होंने साफ तौर पर प्रमाणित किया कि यह आत्महत्या का मामला नहीं है बल्कि पहले गला घोंटा गया था और बाद में शव को फंदे पर लटकाया गया।
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट हाथ में आते ही पुलिस ने अपनी जांच की रफ्तार तेज कर दी और महज 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इस जटिल हत्याकांड की गुत्थी को सुलझा लिया। इस बेहतरीन और त्वरित कार्यशैली के लिए पुलिस टीम को दस हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
प्रॉपर्टी डीलिंग और भट्ठे का कारोबार करता था मृतक, तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
तोड़ा गांव का रहने वाला आनंद राजपूत उर्फ महबूब इलाके में एक जाना-माना नाम था। वह जमीन की खरीद-बिक्री (प्रॉपर्टी डीलिंग) के मुख्य व्यवसाय के साथ-साथ चौगान गांव में स्थित एक ईंट-भट्ठे में हिस्सेदार (पार्टनर) के तौर पर काम करता था। वर्ष 2013 में उसका विवाह इकदिल क्षेत्र की रहने वाली आशिकी से हुआ था। उनके हँसते-खेलते परिवार में दो मासूम बेटियां—10 साल की छवि व दुर्गा और एक छोटा बेटा अभी शामिल हैं, जिनके सिर से अब पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है।
मृतक के वृद्ध पिता सुघर सिंह राजपूत ने बताया कि रविवार की रात करीब 10 बजे उनका बेटा काम से घर लौटा था और अमूमन वह गर्मियों में नीचे का मुख्य दरवाजा खुला रखकर सोता था। सोमवार की सुबह जब वे दूसरे तल से नीचे आए तो आनंद का शव फंदे से लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनंद के भाई प्रीतम ने भी आरोप लगाया कि इस रंजिश और अवैध संबंधों के कारण उनके भाई को अपनी जान गंवानी पड़ी है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की तैयारी कर रही है।

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