हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां जमीन विवाद से परेशान होकर एक किसान ने आत्मघाती कदम उठा लिया। हंडिया तहसील के ग्राम अजनास रैय्यत के रहने वाले 55 वर्षीय किसान भगत विश्वकर्मा ने मंगलवार को जिला पंचायत परिसर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। जनसुनवाई में मौजूद अधिकारियों और लोगों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब किसान की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। वहां मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाई और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक किसान के परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पारिवारिक जमीन विवाद और प्रताड़ना का आरोप

किसान की मौत के बाद उनके परिवार में मातम पसरा हुआ है और उन्होंने इस कदम के पीछे गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के बेटे राकेश विश्वकर्मा का कहना है कि उनके पिता की छह एकड़ कृषि भूमि को लेकर लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। आरोप है कि बड़े पिता जगदीश विश्वकर्मा और उनके बेटे नर्मदाप्रसाद विश्वकर्मा उन पर जमीन छोड़ने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। बेटे ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की मिलीभगत से उसके पिता को जबरन उनकी ही जमीन से बेदखल कर दिया गया था, जिसके कारण वे पिछले काफी समय से अत्यधिक मानसिक तनाव से गुजर रहे थे और इसी अवसाद के चलते उन्होंने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

उपचार के दौरान किसान ने तोड़ा दम

इस पूरे घटनाक्रम पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी स्थिति स्पष्ट की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एचपी सिंह ने बताया कि जैसे ही जिला पंचायत परिसर में एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को मिली, तत्काल एक्शन लिया गया। मौके पर एंबुलेंस भेजकर मरीज को तुरंत जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया और डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू कर दिया था, लेकिन जहर का असर शरीर में ज्यादा फैल जाने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। दम तोड़ने से पहले पीड़ित किसान ने मीडिया कर्मियों के सामने खुद सल्फास खाने की बात स्वीकार की थी।

प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच शुरू

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है और घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने बताया कि मृतक किसान और उनके भाई के बीच जमीन को लेकर काफी पुराना विवाद चल रहा था, जिसका मामला पूर्व में एसडीएम न्यायालय में था। वहां से अपील खारिज होने के बाद यह मामला वर्तमान में संभाग आयुक्त न्यायालय में विचाराधीन है और इसके साथ ही सिविल कोर्ट से भी इस मामले में स्थगन आदेश जारी हुआ था। कलेक्टर के अनुसार इस जमीन को लेकर दोनों पक्षों में पहले भी कई बार विवाद हो चुके हैं, जिनकी शिकायतें स्थानीय थाने में दर्ज हैं। फिलहाल प्रशासन इस दुखद घटना के हर पहलू की गहराई से जांच कर रहा है।