Byju's संकट में नया मोड़, लेंडर्स सेटलमेंट के बदले आकाश में मांग रहे 30% हिस्सेदारी
मुंबई: एडटेक की दुनिया से इस वक्त की सबसे बड़ी कॉरपोरेट खबर सामने आ रही है। संकट में घिरे Byju's के फाउंडर बायजू रवींद्रन को उनके विदेशी कर्जदाताओं (Lenders) से बड़ी राहत मिल सकती है। दोनों पक्षों के बीच जारी कानूनी विवाद अब अपने आखिरी दौर में पहुंच चुका है, जहां एक बड़े समझौते (Settlement) की तैयारी चल रही है।
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल लेंडर्स बायजू रवींद्रन के खिलाफ दर्ज सभी अदालती मामले और कानूनी कार्रवाई वापस लेने को तैयार हो गए हैं। हालांकि, इसके बदले उन्होंने एक बड़ी शर्त रखी है—वे Byju's के मालिकाना हक वाली मशहूर ऑफलाइन कोचिंग कंपनी 'आकाश एजुकेशनल सर्विसेज' (Aakash Educational Services) में करीब 30 फीसदी हिस्सेदारी (Stake) मांग रहे हैं।
डील के तहत मुकदमों का होगा 'द एंड'
सूत्रों के मुताबिक, इस सेटलमेंट पर बातचीत आखिरी चरणों में है। अगर यह समझौता फाइनल हो जाता है, तो भारत, अमेरिका और सिंगापुर की अदालतों में चल रहे सभी केस आपसी सहमति से एक साथ वापस ले लिए जाएंगे।
याद दिला दें कि Byju's ने साल 2021 में करीब 1 अरब डॉलर (लगभग ₹8,000 करोड़) की भारी-भरकम डील में आकाश एजुकेशनल सर्विसेज को खरीदा था। हालांकि, पिछले कुछ सालों में वित्तीय संकट और कानूनी विवादों के चलते आकाश में Byju's की हिस्सेदारी घटकर बहुत कम रह गई है और अब वह एक माइनॉरिटी शेयरहोल्डर (कम हिस्सेदारी वाली कंपनी) बनकर रह गई है। मौजूदा समय में आकाश में सबसे बड़ी हिस्सेदारी 'मणिपाल हेल्थ' समूह के पास है।
कितनी बड़ी है आकाश एजुकेशनल सर्विसेज?
तमाम विवादों के बावजूद 'आकाश' आज भी देश का एक मजबूत ब्रांड बना हुआ है:
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नेटवर्क: पूरे भारत में इसके 300 से ज्यादा ऑफलाइन सेंटर्स हैं।
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काम: यह मुख्य रूप से मेडिकल (NEET) और इंजीनियरिंग (JEE) की प्रवेश परीक्षाओं के साथ स्कूली बोर्ड एग्जाम्स की तैयारी कराता है।
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फैकल्टी व रेवेन्यू: इसके पास 5,000 से अधिक अनुभवी शिक्षकों की टीम है और इसकी सालाना कमाई लगभग 25.4 करोड़ डॉलर है।
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वैल्यूएशन: इस मौजूदा बातचीत में आकाश एजुकेशनल सर्विसेज की कुल वैल्यू लगभग 2 अरब डॉलर आंकी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस महा-समझौते की मेज पर बायजू रवींद्रन, ग्लास ट्रस्ट (लेंडर्स के प्रतिनिधि), आकाश और मणिपाल हेल्थ मिलकर रास्ता निकाल रहे हैं।
Byju's: फर्श पर कैसे आया एडटेक का 'किंग'?
एक दौर था जब Byju's दुनिया के 21 से ज्यादा देशों में अपना पैर पसार चुका था। कोविड-19 महामारी के दौरान जब हर तरफ लॉकडाउन था, तब ऑनलाइन कोर्सेज के दम पर यह कंपनी सफलता के शिखर पर पहुंच गई थी। लेकिन साल 2023 की शुरुआत में इसके बुरे दिन शुरू हुए।
अमेरिका के लेंडर्स (ग्लास ट्रस्ट) ने बायजू रवींद्रन पर फंड के कुप्रबंधन (Mismanagement) के गंभीर आरोप लगाए। विवाद इतना बढ़ा कि साल 2024 में Byju's भारत में दिवालिया (Insolvency) होने की कगार पर पहुंच गई और अमेरिकी लेंडर्स ने अपने 1 अरब डॉलर के बकाये की मांग ठोक दी।
हालांकि, बायजू रवींद्रन और उनकी कंपनी हमेशा से इन आरोपों को खारिज करते आए हैं। लेकिन इस कानूनी खींचतान ने Byju's को पूरी तरह तोड़ दिया। साल 2024 में खुद रवींद्रन ने एक बयान में माना था कि अब उनकी कंपनी की वैल्यू 'शून्य' (Zero) हो चुकी है। अब देखना यह होगा कि क्या 'आकाश' की 30% हिस्सेदारी देकर बायजू रवींद्रन खुद को इस चक्रव्यूह से बाहर निकाल पाते हैं या नहीं।

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