झपकी लेते ही क्यों भारी हो जाता है सिर, एक्सपर्ट्स से समझिए वजह
लंच करने के बाद थोड़ी देर सुस्ताने या छोटी सी झपकी लेने की आदत अमूमन बहुत से लोगों की होती है। कई लोग मानते हैं कि इससे शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है और सुस्ती भागती है, लेकिन इसके विपरीत कुछ लोगों को दोपहर में सोकर उठने के बाद तेज सिर दर्द, भारीपन या चिड़चिड़ेपन का सामना करना पड़ता है। ज्यादातर लोग इसे एक आम बात समझकर टाल देते हैं, मगर स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इसके पीछे शरीर के आंतरिक तंत्र से जुड़े कई अहम कारण हो सकते हैं। जरूरत से ज्यादा समय तक सो जाना, गलत वक्त पर आंख लगना या शरीर की नेचुरल बायोलॉजिकल क्लॉक (जैविक घड़ी) का डिस्टर्ब होना इसके मुख्य कारण हैं। इसके अलावा पानी की कमी और ब्लड शुगर का असंतुलन भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं। आइए समझते हैं कि दोपहर की नींद के बाद सिर दर्द क्यों होता है और इससे कैसे बचा जाए।
सोकर उठने पर सिर दर्द होने की ५ मुख्य वजहें
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लॉन्ग नैप या ज्यादा देर तक सोना: यदि आपकी झपकी आधे घंटे (30 मिनट) से ऊपर खिंच जाती है, तो आपका दिमाग गहरी नींद (डीप स्लीप स्टेज) में प्रवेश कर जाता है। ऐसे में जब आप अचानक उठते हैं, तो 'स्लीप इनर्शिया' की स्थिति बनती है, जिससे सिर में तेज जकड़न और भारीपन महसूस होता है।
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शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन): सोते समय जब शरीर में पानी का स्तर कम हो जाता है, तो जागने पर सिर दर्द की शिकायत हो सकती है। उमस और गर्मी के दिनों में यह समस्या बहुत ज्यादा देखने को मिलती है।
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ग्लूकोज लेवल में उतार-चढ़ाव: दोपहर का भारी भोजन करने के तुरंत बाद बिस्तर पर लेट जाने से शरीर के ब्लड शुगर लेवल में अचानक बदलाव आता है। यह फ्लक्चुएशन सिर दर्द और थकावट को बुलावा देता है।
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असमय सोने की आदत: देर दोपहर या शाम के वक्त (4 बजे के बाद) सोने से शरीर का स्लीप साइकिल पूरी तरह बिगड़ जाता है। इससे न सिर्फ रात की नींद प्रभावित होती है, बल्कि सुबह उठने पर भी सिर भारी रहता है।
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पोस्चर की गड़बड़ी: सोफे या कुर्सी पर गर्दन को गलत एंगल में झुकाकर सोने से गर्दन और सिर के पिछले हिस्से की मांसपेशियों में खिंचाव आ जाता है, जो जागने के बाद दर्द का रूप ले लेता है।
क्या है दोपहर में सोने का सही वैज्ञानिक तरीका?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों के अनुसार, दोपहर के समय केवल 10 से 20 मिनट की 'पावर नैप' (लघु झपकी) ही शरीर के लिए सबसे ज्यादा गुणकारी होती है। यह दिमाग को बिना किसी भारीपन के तुरंत रीचार्ज कर देती है।
दिन के दुपहर 1 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच का समय झपकी लेने के लिए सबसे उत्तम माना गया है। इस बात का खास ख्याल रखें कि आपकी दोपहर की नींद कभी भी 30 मिनट की सीमा को पार न करे, ताकि आप स्लीप इनर्शिया और सिर दर्द के जोखिम से बचे रहें।

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