रायपुर समेत 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, सरगुजा-बस्तर में बिगड़ेगा मौसम
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों प्री-मानसून की गतिविधियां व्यापक रूप से सक्रिय हैं, जिसके चलते सरगुजा संभाग से लेकर बस्तर तक तेज आंधी और बारिश का दौर अनवरत जारी है। इस मौसमी बदलाव ने राज्य के नागरिकों को झुलसाने वाली तपिश और भीषण गर्मी से खासी राहत पहुंचाई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के अंतर्गत आने वाले 19 जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी कर सुरक्षात्मक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बीते 24 घंटों का हाल और तापमान के आंकड़े
पिछले एक दिन के दौरान प्रदेश के एक बड़े भू-भाग के मौसम में महत्वपूर्ण उलटफेर देखा गया, जिसमें मुख्य रूप से जशपुर, कबीरधाम, दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, कोंडागांव और बस्तर के अंचलों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान कई नगरीय क्षेत्रों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चला और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। अगर तापमान की बात करें, तो बिलासपुर 41.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। इसके अतिरिक्त रायपुर में 39.4 डिग्री, दुर्ग में 39.4 डिग्री, अंबिकापुर में 37 डिग्री और जगदलपुर में 34.6 डिग्री सेल्सियस पारा रिकॉर्ड किया गया, जबकि 22.7 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ अंबिकापुर शुक्रवार को प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान और पारे में गिरावट
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 24 घंटों के भीतर प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और कमी आ सकती है, जिसके बाद आने वाले दो दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा। रायपुर, जशपुर, महासमुंद, बस्तर और कोंडागांव सहित प्रभावित 19 जिलों के नागरिकों को आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली के प्रति सचेत रहने को कहा गया है। वातावरण में आ रही इस तब्दीली से आने वाले दिनों में उमस और गर्मी से राहत बरकरार रहने की उम्मीद है।
मानसून के आगमन में देरी की मुख्य वजह
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश लाने वाला मुख्य मानसून फिलहाल तेलंगाना सीमा के समीप अटका हुआ है। वायुमंडल में आवश्यक अनुकूल प्रणालियों के विकसित न होने के कारण राज्य में मानसून की अधिकारिक एंट्री में कुछ विलंब हो रहा है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने आश्वस्त किया है कि वर्तमान परिस्थितियां धीरे-धीरे सुधर रही हैं और अगले 4 से 5 दिनों के भीतर मानसूनी हवाएं छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश कर जाएंगी, जिससे पूरे प्रदेश में नियमित वर्षा का दौर शुरू हो जाएगा।

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