भारत के धीरज ने वर्ल्ड कप में लहराया परचम, कोरियाई ओलंपिक पदक विजेता को हराकर जीते दो स्वर्ण
भारत के होनहार तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-3 में इतिहास रचते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। रविवार का दिन इस 24 वर्षीय खिलाड़ी के लिए बेहद अविस्मरणीय रहा, जहां उन्होंने पहले मिश्रित टीम स्पर्धा में कुमकुम मोहोद के साथ मिलकर सोने पर निशाना साधा और उसके बाद पुरुषों के व्यक्तिगत रिकर्व वर्ग में भी स्वर्णिम सफलता हासिल कर दोहरा खिताब अपने नाम किया। धीरज ने व्यक्तिगत वर्ग के खिताबी मुकाबले में दक्षिण कोरिया के दिग्गज और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ली वू-सियोक को 7-3 से करारी शिकस्त देकर अपने करियर का पहला व्यक्तिगत विश्व कप स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही धीरज ने पुरुषों के व्यक्तिगत रिकर्व वर्ग में भारत के पिछले पांच साल के सूखे को खत्म कर देश की झोली में गोल्ड डाला है।
ऐतिहासिक क्लब में एंट्री और सेमीफाइनल की जादुई वापसी
इस ऐतिहासिक जीत के साथ धीरज बोम्मादेवरा वर्ष 2021 में अतनु दास की सफलता के बाद व्यक्तिगत रिकर्व में चैंपियन बनने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। वहीं, जयंत तालुकदार के बाद वह भारत के इतिहास में केवल दूसरे ऐसे पुरुष तीरंदाज हैं जिन्होंने वर्ल्ड कप स्तर पर व्यक्तिगत रिकर्व का खिताब जीतने का गौरव प्राप्त किया है। धीरज के लिए स्वर्ण पदक तक पहुंचने की यह राह बेहद कांटों भरी थी; सेमीफाइनल मैच में वह जर्मनी के मोरित्ज वीजर के खिलाफ 3-1 से पिछड़ रहे थे, लेकिन उन्होंने दबाव के क्षणों में कमाल का धैर्य दिखाया और शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 6-4 से अपने पक्ष में कर लिया। इसके बाद फाइनल में उन्होंने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तीरंदाजों में शुमार ली वू-सियोक के खिलाफ शुरू से ही सटीक निशानेबाजी और अदम्य आत्मविश्वास का परिचय देकर 7-3 से एकतरफा जीत दर्ज की।
ओलंपिक चैंपियन को हराकर मिश्रित टीम स्पर्धा में लहराया परचम
व्यक्तिगत मुकाबले में उतरने से ठीक पहले धीरज ने दिन की शुरुआत भी बेहद धमाकेदार अंदाज में की थी। उन्होंने देश की 17 वर्षीय उभरती तीरंदाज कुमकुम मोहोद के साथ जोड़ी बनाकर रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को चैंपियन बनाया। इस टूर्नामेंट में तीसरी वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने फाइनल के महामुकाबले में शीर्ष वरीयता प्राप्त दक्षिण कोरियाई टीम की धुरंधर जोड़ी ओह येजिन और किम जे-डियोक को 5-1 के बड़े अंतर से धूल चटाई। गौरतलब है कि कोरियाई जोड़ी के सदस्य किम जे-डियोक टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली अपनी टीम का हिस्सा रह चुके हैं, जिन्हें हराकर भारतीय युवाओं ने इस जीत का महत्व और बढ़ा दिया।
रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ नाम और लगातार दूसरा स्वर्ण पदक
धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम मोहोद की इस जादुई जोड़ी ने वर्ल्ड कप के मंच पर सोने का तमगा जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। यह भारत की केवल तीसरी ऐसी मिश्रित रिकर्व जोड़ी बन गई है जिसने विश्व कप में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। इससे पहले साल 2021 में दीपिका कुमारी और अतनु दास की जोड़ी ने पेरिस में, जबकि 2022 में तरुणदीप राय और रिधि की जोड़ी ने अंताल्या में यह कमाल किया था। युवा तीरंदाज कुमकुम मोहोद के लिए भी यह पल बेहद यादगार रहा, क्योंकि यह लगातार दूसरा मौका है जब उन्होंने विश्व कप के मंच पर देश के लिए गोल्ड मेडल जीता है। धीरज के करियर के लिहाज से यह पूरा टूर्नामेंट अब तक का सबसे सफल और गौरवशाली सफर साबित हुआ है।

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