नाबालिग से दुष्कर्म मामले में नया मोड़, रिश्वत लेने-देने के आरोप में तीन लोग दबोचे गए
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ग्रामीण इलाके धरसींवा से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और इंसानियत को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहाँ एक नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म (गैंगरेप/रेप) के मामले को रफा-दफा करने और आरोपियों से सौदा करने के एवज में ₹1,30,000 की अवैध वसूली करने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। इस घिनौने कृत्य में शामिल पीड़िता के सगे दादा और दो दलालों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
अपहरण की आड़ में छिपाई गई थी हैवानियत
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ समय पहले 13-14 वर्षीय नाबालिग लड़की के लापता होने पर परिजनों ने शुरुआत में अपहरण की प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को सकुशल दस्तयाब (बरामद) भी कर लिया था। लेकिन उस दौरान मुख्य आरोपियों के रसूख और दबाव में पीड़िता तथा उसके परिजनों ने किसी भी तरह के अपराध या दुराचार से साफ इनकार कर दिया, जिसके चलते पुलिस ने मामला बंद कर दिया था।
सरकारी मुआवजे के लालच में दोबारा खोला केस
बाद में पुलिस तफ्तीश में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि पीड़िता के दादा ने आरोपियों से सांठगांठ कर मोटी रकम ऐंठी थी। दादा ने ₹1.30 लाख लेकर अपनी ही पोती के साथ हुई दरिंदगी पर पर्दा डाल दिया और कोर्ट-कचहरी के बाहर समझौता कर लिया। हद तो तब हो गई जब दादा को इस तरह के मामलों में सरकार की तरफ से मिलने वाले भारी मुआवजे की भनक लगी। सरकारी पैसे के लालच में आकर दादा ने दोबारा पुलिस से जांच की गुहार लगाई और मामले को आगे बढ़ाने की कोशिश शुरू कर दी।
ऑडियो-वीडियो सबूतों ने खोली पोल, ₹1 लाख कैश बरामद
इस पूरे सुनियोजित खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब मामले के एक आरोपी की पत्नी ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस के आला अधिकारियों को कुछ वीडियो और ऑडियो क्लिप्स सौंप दीं। इन रिकॉर्डिंग्स में पीड़िता का दादा और बिचौलिए केस दबाने की एवज में धमकी देते और पैसों की सौदेबाजी करते हुए साफ सुने जा सकते थे। पुख्ता सबूत मिलते ही पुलिस ने फौरन दबिश देकर दादा के पास से रिश्वत के ₹1 लाख नगद बरामद कर लिए और साजिश में शामिल दो बिचौलियों को भी दबोच लिया।
एक्शन में पुलिस: लापरवाही बरतने पर सिलयारी चौकी प्रभारी सस्पेंड
कड़ी कार्रवाई: पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया है।
गाज गिरी: इस संवेदनशील मामले की शुरुआती जांच में घोर लापरवाही बरतने और आरोपियों को शह देने के आरोप में सिलयारी चौकी प्रभारी (थाना प्रभारी) को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क और ब्लैकमेलिंग के खेल में शामिल अन्य सफेदपोशों की भी कड़ाई से जांच की जा रही है, और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।

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