कर्नाटक में 9 दिन का “राजनीतिक ठहराव”: मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक पहुंचे बेंगलुरु
भोपाल: मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बड़ी राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है। आगामी राज्यसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस पार्टी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा अपने तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट के नाम की घोषणा किए जाने के बाद से ही कांग्रेस को अपने विधायकों के टूटने या क्रॉस वोटिंग का डर सताने लगा है। इसी सेंधमारी से बचने के लिए कांग्रेस ने अपने एक-एक विधायक को सुरक्षित रखने की कवायद तेज कर दी है। देर रात से ही पार्टी के भीतर विधायकों को किसी दूसरे राज्य में शिफ्ट करने की रणनीति पर मंथन चल रहा था, जिसके बाद अब सभी विधायकों को एकजुट रखने का फैसला लिया गया है।
विशेष विमान से कर्नाटक रवाना हुए विधायक
इसी रणनीति के तहत मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस के विधायक भोपाल एयरपोर्ट से कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए हैं। विधायकों को सुरक्षित ले जाने के लिए एक विशेष विमान (चार्टर्ड प्लेन) बुक किया गया था। बेंगलुरु में कांग्रेस पार्टी ने अपने विधायकों को ठहराने के लिए एक बेहद आलीशान रिसॉर्ट बुक किया है। बताया जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव की वोटिंग होने तक, यानी तकरीबन अगले 9 दिनों तक सभी कांग्रेस विधायक इसी रिसॉर्ट में एक साथ रुकेंगे, ताकि विरोधी दल उनसे संपर्क न साध सकें।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का बड़ा दावा
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। एयरपोर्ट से विधायकों के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हम मजबूती से लड़ेंगे और जीतेंगे। इसके साथ ही बेंगलुरु रवाना होने से ठीक पहले उन्होंने मीडिया के सामने एक बड़ा दावा भी किया। उमंग सिंघार ने कहा कि वैसे तो विधानसभा में हमारे विधायकों की कुल संख्या 62 है, लेकिन जब राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग होगी, तो कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में इससे कहीं ज्यादा वोट पड़ेंगे। उनके इस बयान से कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस भी भाजपा खेमे में सेंध लगाने की तैयारी में है।

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