चुनाव से पहले सख्ती: पश्चिम बंगाल में 510 करोड़ कैश-सामान पकड़ा
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए चुनावी शोर थम चुका है। 29 अप्रैल को राज्य की 142 सीटों पर मतदान होना है, लेकिन इस बार चुनाव आयोग की सख्ती ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 510.10 करोड़ रुपए की अवैध नकदी, शराब और अन्य सामग्री ज़ब्त की है।
पिछले चुनाव के मुकाबले बड़ी रिकवरी
दिलचस्प बात यह है कि इस बार की ज़ब्ती 2021 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों को काफी पीछे छोड़ चुकी है। 2021 में कुल 339 करोड़ रुपए की जब्ती हुई थी, जबकि इस बार चुनाव संपन्न होने से पहले ही यह आंकड़ा 500 करोड़ के पार निकल गया है।
सख्ती का कारण: 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति
चुनाव आयोग का कहना है कि यह सफलता मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों (DGP) और विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के साथ की गई निरंतर समीक्षा बैठकों का परिणाम है। आयोग का स्पष्ट लक्ष्य है कि चुनाव को प्रलोभन-मुक्त और हिंसा-मुक्त बनाया जाए।

सुरक्षा के कड़े पहरे: 100 मिनट में कार्रवाई
राज्य में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए आयोग ने एक अभेद्य सुरक्षा चक्र तैयार किया है:
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फ्लाइंग स्क्वाड (FST): पूरे राज्य में 2,728 टीमें तैनात हैं। ये टीमें किसी भी संदिग्ध गतिविधि या शिकायत पर मात्र 100 मिनट के भीतर एक्शन ले रही हैं।
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स्टैटिक सर्विलांस (SST): 3,142 टीमें चौबीसों घंटे नाकाबंदी कर वाहनों की सघन तलाशी ले रही हैं, ताकि हथियारों या अवैध धन के प्रवाह को रोका जा सके।
29 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए प्रशासन ने पूरी कमर कस ली है, ताकि मतदाता बिना किसी डर या लालच के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

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