खाड़ी संकट पर भारत का कड़ा रुख: ईरानी राजदूत तलब, नाविकों की सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
नई दिल्ली। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। सरकार के अनुसार, देश में गैस आपूर्ति और बंदरगाह संचालन सामान्य है, जबकि विदेश मंत्रालय फंसे हुए भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार सक्रिय है।
राजनयिक प्रयास और समुद्री सुरक्षा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि एनएसए अजीत डोभाल ने सऊदी अरब का दौरा कर क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की है। होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर हुई हालिया फायरिंग के बाद भारत ने ईरान के समक्ष गहरी चिंता जताई है। ईरानी राजदूत को तलब कर भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही का मुद्दा उठाया गया है।
नागरिकों की वापसी और गैस आपूर्ति
अब तक ईरान, अजरबैजान, जॉर्डन और मिस्र से 2,423 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, घरेलू एलपीजी और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति 100 प्रतिशत सामान्य है। वहीं, शिपिंग मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में 25 नाविकों सहित कुल 2,563 नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई है।

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