एक मां पर बेटे की हत्या का आरोप, आज हाईकोर्ट ने सुनाया एतिहासिक फैसला
ग्वालियर। लगभग एक वर्ष पहले गुना में 14 वर्ष के अभ्युदय जैन की हत्या के आरोप में गुना के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने उसकी मां अलका जैन को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था। उनका परिवार वालो ने अलका को निर्दोष बताया। आईजी अरविन्द सक्सेना और डीआईजी अमित सांघी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया। एसआईटी की जांच में अलका को निर्दोष बताया, लेकिन गुना के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक पता नहीं क्यों गुना से हटने के बाद भी षडयंत्र रचते रहे। गुना जिला न्यायालय ने पुलिस की रिपोर्ट को खारिज करते हुए अलका के खिलाफ हत्या का प्रकरण जारी रखने के आदेश दिए। गुना कोर्ट में सुनवाई तेज हुई और बयान भी होने लगे। तब अलका ने ग्वालियर हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दाखिल की।
आखिर आज न्याय मिल गया
अलका को आज ग्वालियर हाईकोर्ट से न्याय मिल गया। जस्टिस श्री मिलिन्द रमेश फडके जी ने अपने 19 पेज के एतिहासिक फैसले में अलका को पूरी तरह निर्दोष साबित कर दिया है। बड़ी बात यह है कि हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस, शासकीय अधिवक्ता और अलका के वकील तीनों पक्षों ने अलका को निर्दोष बताया। एक निर्दोष मां पर उसके अपने ही दिल के टुकड़े (बेटे) की हत्या का आरोप आखिर गुना के तत्कालीन एसपी ने क्यों लगाया, हम आज तक समझ नहीं पाये ।
ग्वालियर हाईकोर्ट का फैसला
https://mphc.gov.in/upload/gwalior/MPHCGWL/2025/WP/27928/WP_27928_2025_FinalOrder_09-02-2026_digi.pdf

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