मोहन सरकार का तीसरा अनुपूरक बजट, 5 हजार करोड़ से ज्यादा का प्रस्ताव
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक चलेगा. बजट सत्र के दौरान सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तीसरा अनुपूरक बजट पेश करेगी. वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार अनुपूरक बजट की राशि 5 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो सकती है. हालांकि, इसका आकार पिछले वर्षों की तुलना में अपेक्षाकृत छोटा रहेगा।
तीसरे अनुपूरक बजट के लिए विचार-विमर्श जारी
अनुपूरक बजट को लेकर विभिन्न विभागों से प्रस्ताव मंगाए जा चुके हैं. वित्त विभाग इन प्रस्तावों पर विचार-विमर्श कर रहा है और जल्द ही अनुपूरक बजट की अंतिम राशि तय की जाएगी. वित्त अधिकारियों ने बताया कि तीसरे अनुपूरक बजट में वही प्रस्ताव शामिल किए जाएंगे, जिनके लिए राज्य आकस्मिक निधि से अग्रिम स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है. इसके अलावा ऐसे प्रस्ताव भी शामिल हो सकते हैं, जिनमें केंद्र सरकार या किसी अन्य एजेंसी की वित्तीय सहायता स्वीकृत हो चुकी हो और जिन्हें मौजूदा बजट प्रावधानों से पूरा करना संभव नहीं है. विशेष केंद्रीय सहायता योजनाओं के अंतर्गत भारत सरकार को भेजे गए या भेजे जाने वाले प्रस्तावों, जिनके लिए अलग बजट मद खोलने की आवश्यकता होगी, उन्हें भी अनुपूरक बजट में शामिल किया जा सकता है. वहीं, ऐसे नए मदों को शामिल नहीं किया जाएगा, जिनसे राज्य के वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़े।
‘जीरो बेस्ड बजट’ बना वजह
वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अनुपूरक बजट का आकार छोटा रहने का प्रमुख कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट ‘जीरो बेस्ड बजट’ प्रक्रिया के तहत तैयार किया जाना है. इस प्रक्रिया में बजट अनुमान शून्य से शुरू किए गए और पूर्व वर्षों के व्यय को आधार नहीं बनाया गया. सभी विभागों की चल रही और प्रस्तावित योजनाओं का बारीकी से मूल्यांकन कर वास्तविक जरूरत के अनुसार बजट प्रावधान किए गए. इसी वजह से अधिकांश विभागों ने अनुपूरक बजट में अतिरिक्त राशि की मांग नहीं की।
मोहन सरकार के अब तक के अनुपूरक बजट
दिसंबर 2024: वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए ₹22,460 करोड़ का प्रथम अनुपूरक बजट
मार्च 2025: वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए ₹19,206 करोड़ का द्वितीय अनुपूरक बजट
जुलाई 2025: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹2,356 करोड़ का प्रथम अनुपूरक बजट
दिसंबर 2025: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹13,476 करोड़ का द्वितीय अनुपूरक बजट

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