एमपी में SIR को लेकर सियासी संग्राम, पीसी शर्मा पर बरसे रामेश्वर शर्मा
भोपाल। मध्य प्रदेश में SIR मामले पर सियासत तेज हो गई है. कल चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से ही इस मुद्दे कांग्रेस पार्टी और कई विपक्षी दल टिप्पणी करते नजर आ रहे है. ऐसे में इस मामले में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग ने दावा और आपत्ति की तारीख खत्म कर दी है. उन्होंने कहा कि दावे और आपत्तियों के लिए समय देना चाहिए. जो 18 साल के हो चुके हैं, उनके नाम भी जोड़े जाने चाहिए. वरना उनके नाम भी खत्म हो जाएंगे. पीसी शर्मा ने कहा कि पहले भी बिहार में फर्जी तरीके से 68 लाख लोगों के नाम काटे गए थे. चुनाव आयोग को मध्य प्रदेश में भी इस बात की तस्दीक करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी ने भी इस मामले पर मीटिंग ली थी. हर विधानसभा में एक-एक पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं और पीसीसी में भी मीटिंग हो चुकी है.उन्होंने यह भी कहा कि अगर मतदाता सूची को आधार कार्ड से लिंक किया जाए, तो समस्या खत्म हो जाएगी और यही हमारी मांग है.
कांग्रेस संविधान विरोधी : रामेश्वर शर्मा
वहीं, मामले पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जीतू पटवारी हों या कांग्रेस के अन्य नेता, ये सभी संविधान विरोधी हैं और निर्वाचन आयोग के भी खिलाफ हैं.उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग अपनी मंशा के अनुसार सही काम कर रहा है. सभी नामों का सत्यापन होना चाहिए. उन्होंने कहा कि नए नाम जोड़े जाएं और जो लोग अब नहीं रहे या जिनका स्थान बदल गया है, उनके नाम हटाए जाने चाहिए. विधायक ने आगे कहा कि लोग शहर, जिला या गांव बदलते हैं, तो उनके नाम नहीं बदले जाने चाहिए क्या? रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कई नाम फर्जी भी होते हैं. कुछ बांग्लादेशी या पाकिस्तान के नागरिक भी हो सकते हैं, जो भारत के लिए खतरा हैं. इस मामले में राजनीति नहीं की जानी चाहिए.

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