मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में भक्तों को राहत, ठगी और अतिरिक्त शुल्क पर अब लगेगी पूरी तरह रोक
मथुरा: विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में कई पुराने नियम बदलने जा रहे हैं। सुप्रीम कोट की तरफ से बनी कमेटी की पांचवीं बैठक 29 सितंबर को होने जा रही है। इस बैठक में बांके बिहारी के सेवायतों के लिए ड्रेस कोड पर चर्चा होगी। पिछली बैठक में सेवायत दिनेश गोस्वामी ने मंदिर में ड्रेस कोड लागू करने की मांग की थी। इसकी शुरुआत पहले सेवायतों से करने और फिर आम श्रद्धालुओं तक बढ़ाने की बात कही गई थी। कमेटी अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा था कि सेवायतों की वेशभूषा में कई लोग श्रद्धालुओं से वसूली करते हैं, जिस पर ड्रेस कोड से रोक लगेगी।
इससे पहले कमेटी की बैठक में मंदिर में दर्शन और खजाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। सेवायत दिनेश गोस्वामी ने बताया कि देश के कई मंदिरों में ड्रेस कोड लागू है। यहां लाखों श्रद्धालु रोज आ रहे हैं। वृंदावन के लोग परंपराओं को संरक्षित रखने की बात कहते हैं तो सभी परंपराओं को ध्यान में रखना पड़ेगा।
सेवायतों की वेशभूषा में होती है श्रद्धालुओं से वसूली
कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने पिछली बैठक में कहा था कि मंदिर के सेवायतों की वेशभूषा में कई लोग श्रद्धालुओं से खुलेआम वसूली करते हैं। ड्रेस कोड लागू होने से उन पर रोक लगेगी। मंदिर में ड्रेस कोड लागू करने का उद्देश्य मंदिर की गरिमा और पवित्रता को बनाए रखना है। साथ ही, यह श्रद्धालुओं को एक समान और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करने में भी मदद करेगा। मंदिर में ड्रेस कोड लागू करने के मुद्दे पर जल्द ही कोई निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
सामान रखने के लिए अब नहीं देना होगा शुल्क
इस बीच, श्रीकृष्ण जन्मस्थान संस्थान में अब श्रद्धालुओं को सामान रखने के लिलए शुल्क नहीं देना होगा। पहले प्रत्येक सामान रखने के एवज में दो रुपये लिए जाते थे। संस्थान के पदाधिकारियों ने सामान घर सेवा को निशुल्क कर दिया है। संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि सुरक्षा कारणों से मंदिर में किसी प्रकार का सामान नहीं रखा जाता है। इसलिए सामान घर में बने स्टील के लॉकर में श्रद्धालु अपने मोबाइल और पर्स आदि रख सकते हैं।

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