मरही माता मंदिर बना मातम स्थल, परिवार के चार बच्चों की नाले में बहने से मौत
जिले में सोमवार को एक बड़ा दुखद हादसा सामने आया, जब मरही माता मंदिर दर्शन करने पहुंचे एक ही परिवार के तीन बच्चे और एक शख्स पानी के तेज बहाव में बह गए। इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
जानकारी के अनुसार, भाटापारा और बलौदाबाजार क्षेत्र से 40 से 45 श्रद्धालु बस से कोटा विकासखंड के भनवारटंक स्थित मरही माता मंदिर पहुंचे थे। पूजा-अर्चना के बाद सभी श्रद्धालु मंदिर से कुछ दूरी पर नाले के उस पार भोजन करने गए थे। भोजन उपरांत वापसी के दौरान अचानक नाले में पानी का बहाव तेज हो गया। इसी दौरान परिवार के चार लोग बह गए।
रेस्क्यू टीम ने बड़ी मशक्कत के बाद तीन बच्चों के शव सोमवार को ही बरामद कर लिए थे। वहीं रातभर चले खोजबीन अभियान के बाद मंगलवार सुबह चौथे व्यक्ति का शव भी मिल गया।
हादसे में मारे गए लोगों की पहचान
मितान ध्रुव (9 वर्ष) – निवासी भाटापारा, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा
बिनेश्वरी ध्रुव (13 वर्ष) – निवासी बिटकुली, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा
मुस्कान ध्रुव (13 वर्ष) – निवासी बोदरी परसदा, जिला बिलासपुर
बलराम ध्रुव (34 वर्ष) – निवासी बोदरी परसदा, जिला बिलासपुर
घटना की सूचना पर बेलगहना चौकी पुलिस, तहसीलदार व प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू अभियान चलाया। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटा भेजा गया है। इस दर्दनाक हादसे से श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में गहरा शोक व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

यरुशलम हत्याकांड: फ्लैट में मिला भारतीय मजदूर का शव, जांच में जुटी पुलिस
लॉ ग्रेजुएट्स के लिए खुशखबरी! भारतीय सेना में अधिकारी बनने का शानदार अवसर
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उछाल, रोजगार और कारोबार के लिए खुल रहे नए द्वार
दूसरों की किस्मत बताने वाली अन्ना खुद नहीं जान पाईं अपना भविष्य, पावर बैंक ब्लास्ट में झुलसीं
विपक्ष के विरोध से नहीं चली कार्यवाही, दोनों सदनों में मचा घमासान
खर्च की रफ्तार पर CAG की चिंता, 93 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड अधूरा