मप्र के सिंगरौली में REE का बड़ा भंडार, चीन को रणनीतिक झटका देने की तैयारी
सिंगरौली: मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में दुर्लभ खनिज पदार्थों का भंडार मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार कोल इंडिया के साथ मिलकर इनकी खोज करेगी। इससे भारत की चीन पर निर्भरता कम होगी। प्रदेश 'क्रिटिकल मिनरल्स हब' बनेगा। कटनी में होने वाले माइनिंग कॉन्क्लेव में सरकार और कोल इंडिया के बीच अनुबंध होगा।
संसद में भी हो चुका जिक्र
सिंगरौली में कोयला खदानों में रेयर अर्थ एलीमेंट्स मिले हैं। इनमें स्कैंडियम और इट्रियम जैसे तत्व शामिल हैं। कोल इंडिया के शोध में यह बात सामने आई है। कोयले में इनकी मात्रा 250 पीपीएम और गैर-कोयला स्तर पर 400 पीपीएम आंकी गई है। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने संसद में बताया था कि 'पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में रेयर अर्थ एलिमेंट्स भारत में खोजे गए हैं।'
आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगी खोज
विशेषज्ञों का कहना है कि यह खोज भारत को ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भर बनाएगी। सरकार इन खनिजों के प्रोसेसिंग और रिसर्च के लिए ढांचा तैयार कर रही है। आईआईटी धनबाद और भोपाल का आईआईएसईआर मिलकर खनिजों की खोज करेंगे। सरकार रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित करने पर विचार कर रही है।
अधिकारी बोले 'केंद्र सरकार का मामला'
सिंगरौली की खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है कि भंडार कहां मिला है। उन्होंने कहा कि यह मामला केंद्र सरकार का है। यह खोज जुलाई 2025 में आधिकारिक रूप से घोषित की गई।

राहुल के प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से हस्तक्षेप की अपील
जबरा फैन ने कर दी ऐसी हरकत, काजल अग्रवाल ने शेयर किया हैरान कर देने वाला अनुभव
NYC में दो लोगों पर चाकू से हमला, पुलिस हेट क्राइम एंगल से कर रही जांच
GRP के हत्थे चढ़ा ट्रेन चोर, यात्रियों का चोरी हुआ लाखों का सामान मिला
वैभव सूर्यवंशी ने अपने पहले टी20 अर्धशतक को किया खास शख्स के नाम, जानिए वजह