प्रियंका गांधी वाड्रा का आरोप, सदन के अंदर विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जाता
बीजेपी का पलटवार, अराजकता फैलाना कांग्रेस की आदत बन गई
नई दिल्ली । बिहार में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे को लेकर राजनीति थम नहीं रही है। इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का बयान सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी विपक्षी नेता सदन में बोलना चाहते हैं, उन्हें बोलने नहीं दिया जाता है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका ने संसद परिसर में मीडिया से बातकर मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। प्रियंका गांधी ने कहा, जब भी विपक्षी दल के नेता बोलना चाहते हैं, उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। हम चर्चा की मांग करते रहे हैं और उन्हें हमारी मांग पर सहमत होना चाहिए। पिछले सत्र में मुझे यह देखकर आश्चर्य हुआ था कि व्यवधान सत्ता पक्ष की ओर से शुरू होता है। वे कोई विषय चुनते थे, ताकि हम उस पर प्रतिक्रिया दें। फिर हंगामा होता है और फिर हमेशा की तरह सदन स्थगित हो जाता था। यह उनके लिए बिल्कुल सही है।
यह पहली बार नहीं है जब किसी विपक्षी नेता ने मोदी सरकार पर सदन में नहीं बोलने देने का आरोप लगाया है। इससे पहले, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि मैं विपक्ष का नेता हूं, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा था, सवाल ये है कि जो सदन में रक्षा मंत्री को बोलने देते हैं, उनके (सरकार) लोगों को बोलने देते हैं, लेकिन अगर विपक्ष का कोई नेता कुछ कहना चाहता है तब अनुमति नहीं दी जाती है। मैं विपक्ष का नेता हूं, मेरा हक है, तब मुझे कभी बोलने ही नहीं देते हैं। ये एक नया एप्रोच है।
हालांकि, विपक्षी नेताओं के आरोपों पर भाजपा नेताओं ने पलटवार किया था। भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा था कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। वे बस सदन की कार्रवाई को बाधित करना चाहती है। सत्र के दौरान अराजकता फैलाना कांग्रेस की आदत बन गई है।

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