17 साल की चीयरलीडर पॉपकॉर्न लंग्स से पीड़ित, क्या होती है ये बीमारी
वॉशिंगटन। 17 साल की चीयरलीडर ब्रायना मार्टिन को एक गंभीर फेफड़ों की बीमारी पॉपकॉर्न लंग्स से पीड़ित पाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रायना बीते तीन वर्षों से वेपिंग की आदत से जूझ रही थी। एक दिन अचानक ब्रायना को सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई, जिसके बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच में सामने आया कि वह ब्रोंकियोलाइटिस ऑब्लिटरन्स नामक दुर्लभ बीमारी का शिकार हो चुकी है, जिसे आम भाषा में पॉपकॉर्न लंग्स कहा जाता है। इसमें फेफड़ों के सबसे पतले वायुमार्ग, ब्रॉन्कियोल्स, में सूजन आ जाती है और धीरे-धीरे वहां स्कार टिशू बन जाता है। इसके कारण वायुमार्ग सिकुड़ जाते हैं, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में लगातार कठिनाई होती है।
इस बीमारी का नाम पॉपकॉर्न लंग्स क्यों पड़ा?
पॉपकॉर्न लंग्स शब्द का इस्तेमाल पहली बार उन कर्मचारियों के लिए हुआ था, जो माइक्रोवेव पॉपकॉर्न फैक्ट्रियों में काम करते थे और डायसिटाइल नामक रसायन के संपर्क में आने के बाद बीमारी से पीड़ित पाए गए। डायसिटाइल एक कृत्रिम फ्लेवरिंग एजेंट है, जो पॉपकॉर्न और अन्य खाद्य उत्पादों में मक्खन जैसा स्वाद देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
पॉपकॉर्न लंग्स के लक्षण
बीमारी के लक्षणों में लगातार सूखी खांसी, शारीरिक मेहनत पर सांस फूलना, सीने में घरघराहट, बिना किसी स्पष्ट कारण के थकान और सांस लेने में कठिनाई शामिल हैं। गंभीर मामलों में यह सांस की समस्या स्थायी हो सकती है। इससे बचने के लिए उन क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा, वेपिंग और धूम्रपान से बचना और फेफड़ों की नियमित जांच कराना भी जरूरी है। यह बीमारी आधुनिक जीवनशैली के कारण बढ़ रही है, और जागरूकता से हम अपनी सेहत की रक्षा कर सकते हैं।

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