मध्य प्रदेश में 22 अप्रैल से ताबड़तोड़ तबादले: कर्मचारियों के लिए आफत या राहत?
Mp Govt Transfers : मध्य प्रदेश में इन दिनों ट्रांसफर्स को लेकर खूब चर्चा हो रही है. मोहन यादव सरकार लंबे समय से प्रदेश में तबादला नीति पर विचार कर रही है, जिसे अगले हफ्ते की शुरुआत में हरी झंडी मिल सकती है. हालांकि, मध्य प्रदेश में ट्रांसफर नीति किसी के लिए राहत तो किसी के लिए आफत ला सकती है. आइए जानते हैं सरकार की ये नीति क्यों कुछ लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है.
मध्य प्रदेश की तबादला नीति कब होगी लागू?
सबसे पहले जान लेते हैं कि मध्य प्रदेश सरकार की नई तबादला नीति यानी ट्रांसफर पॉलिसी कब लागू होगी? तो बता दें कि अगले हफ्ते की शुरुआत में यानी 22 अप्रैल को मंत्री परिषद की एक विशेष बैठक होने जा रही है. इस बैठक में लंबे समय बाद मध्य प्रदेश की तबादला नीति 2025 को मंजूरी मिल सकती है. मंजूरी मिलते ही तबादला नीति के आदेश जारी होंगे और यह तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी. इसके लागू होते ही लंबे समय से लगा ट्रांसफर बैन हट जाएगा.
मध्य प्रदेश की तबादला नीति से किसे मिलेगी राहत?
मध्य प्रदेश की तबादला नीति उन शासकीय कर्मचारियों के लिए राहत ला सकती है, जो 2 साल से भी ज्यादा वक्त से ट्रांसफर बैन हटने का इंतजार कर रहे हैं. ट्रांसफर पॉलिसी लागू होते ही कर्मचारी स्वेच्छा से ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे. विशेष परिस्थितियों में कर्मचारी को मांगी गई लोकेशन पर ट्रांसफर दे दिया जाएगा.
मध्य प्रदेश की तबादला नीति किसके लिए बनेगी आफत?
मध्य प्रदेश की नई ट्रांसफर नीति उन शासकीय कर्मचारियों के लिए आफत बन सकती है जो 3 सालों से एक जगह पर टिके हुए हैं. सरकार ने साफ इशारा कर दिया है कि ऐसे अधिकारियों को हटाकर दूसरी जगह भेजा जाएगा. तबादला नीति में अंतिम मुहर लगनी बाकी है कि किस विभाग के कितने प्रतिशत कर्मचारियों को यहां से वहां किया जाना है. किसी भी विभाग में 10 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारियों के तबादले नहीं होंगे.
ट्रांसफर होने पर मिलेगा भत्ता?
सरकार की तबादला नीति में भत्ते का भी जिक्र है. इसमें साफ कहा गया है कि जो कर्मचारी स्वैच्छिक आधार पर तबादले लेंगे, उन्हें सरकार किसी भी तरह के भत्ते का लाभ नहीं देगी. वहीं, जिनका तबादला प्रशासनिक आधार पर होगा, उन्हें भत्ते का लाभ दिया जाएगा.
बड़े और जरूरी ट्रांसफर्स पर रोक नहीं
पिछले दिनों महेश्वर में हुई कैबिनेट की बैठक में सीएम ने साफ कह दिय था कि बेहद जरूरी मामलों से जुड़े तबादलों पर रोक नहीं होगी. ऐसे में कई विभागीय अधिकारियों के ट्रांसफर भी इस दौरान होते रहे हैं. वहीं, अब जल्द ही पूरी तरह से ट्रांसफर पर लगा प्रतिबंध हटने वाला है.
सीएम ने दिए ट्रांसफर नीति के लिए सुझाव
मंत्रालय सूत्रों की मानें तो मध्य प्रदेश की नई ट्रांसफर नीति का ड्राफ्ट पहले से ही तैयार है. हालांकि, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इनमें कुछ सुझाव दिए हैं, जिनके आधार पर ड्राफ्ट अपडेट किया जा रहा है और 22 अप्रैल को फिर सरकार के सामने पेश किया जाएगा.
ट्रांसफर करने में मंत्रियों की रहेगी अहम भूमिका
जैसा कि शुरुआत से बताया जा रहा है मध्य प्रदेश की तबादला नीति 2025 में मंत्रियों की खास भूमिका रहेगी. मंत्रियों को अपने विभाग के कर्मचारियों के ट्रांसफर करने के अधिकार होंगे. हालांकि, गजेटेड अधिकारियों का तबादला करने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव से चर्चा करनी होगी. वहीं, जिले के अंदर के ट्रांसफर का अधिकार उस जिले के प्रभारी मंत्री के पास भी होगा. अब देखान ये होगा कि मध्य प्रदेश सराकर की नई तबादला नीति लागू होने के बाद किसके लिए राहत लाती है और किसके लिए आफत.

ऑनलाइन फ्रॉड का नया तरीका, युवती से लाखों की ठगी
कलिगनर को लेकर पोस्ट पर विवाद, सोशल मीडिया पर तीखी बहस
Subrahmanyam Jaishankar का फोकस: आर्थिक रिश्तों को नई रफ्तार
Bharatiya Janata Party की सरकार गठन तैयारी तेज, Amit Shah बंगाल के पर्यवेक्षक
RCB से जुड़ी यादों में डूबे Virat Kohli, बोले- ये परिवार जैसा साथ था
KL Rahul ने पिता बनने के बाद साझा किए भावुक अनुभव