मध्य प्रदेश में जांच एजेंसियों को आरोपियों की गिरफ्तारी का ब्यौरा देने की निर्देश
भोपाल: मध्य प्रदेश में अब एक नई व्यवस्था के तहत पुलिस थाने के अलावा अब प्रदेश में सक्रिय जांच एजेंसियों को भी अब उनकी कार्रवाई को लेकर गिरफ्तार किए गए लोगों की जानकारी पुलिस हेडक्वार्टर को देनी होगी. अभी तक ये एजेंसियां गिरफ्तार किए गए लोगों की जानकारी नहीं देती हैं. लेकिन उनको भी यह जानकारी पुलिस मुख्यालय को देना होगा. इस संबंध में राजपत्र प्रकाशित होने के बाद यह जानकारी देना अनिवार्य होगा.
गिरफ्तार लोगों के बारे में पुलिस मुख्यालय को बताना होगा अनिवार्य
मध्य प्रदेश में पुलिस की तरह अब जांच एजेंसियों को भी पुलिस मुख्यालय (PHQ) को गिरफ्तार किए गए लोगो की जानकारी देना अनिवार्य होगा. यह बताना पड़ेगा कि पुलिस थाने की तरह जांच एजेंसी ने किसे गिरफ्तार किया है. उन्हें इसकी जानकारी पुलिस मुख्यालय में बताना होगा. इस आशय का आदेश मध्य प्रदेश के राजपत्र में प्रकाशित हो गया है.
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नए नियम के तहत मध्य प्रदेश में पुलिस थानों की तरह जांच एजेंसियों को भी गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की जानकारी देनी होगी. पुलिस थाने की तरह जांच एजेंसी भी मुख्यालय में बताएंगी कि किसे गिरफ्तार किया है. लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू, नारकोटिक्स विंग, अपराध अनुसंधान विभाग, एसटीएफ और साइबर अपराध जांच एजेंसियों पर यह नया नियम लागू होगा.
अब तक 6 जांच एजेंसियां नहीं देती थीं गिरफ्तार व्यक्तियों की जानकारी
इसके अलावा नारकोटिक्स, सीआईडी और साइबर सेल को भी गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की जानकारी देनी होगी. अभी 6 जांच एजेंसियां गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की जानकारी नहीं देती थीं. नए कानून के तहत उन्हें भी पुलिस की तरह जानकारी देनी होगी. गिरफ्तार किए गए संबंधित व्यक्ति के बारे में पुलिस मुख्यालय में ब्यौरा देना होगा.

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