तेजस्वी प्रकाश के परिवार से मुलाकात पर करण कुंद्रा ने साझा किए अनुभव, बोले- उनकी मां ने कहा, ले जा लड़की ले जा.....
करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश पिछले पांच साल से रिलेशनशिप में हैं. दोनों की लव स्टोरी सलमान खान के रियलिटी शो ‘बिग बॉस 15’ में शुरू हुई थी. इन दिनों कपल शादी की खबरों को लेकर सुर्खियों में है. हाल ही में करण ने अपनी गर्लफ्रेंड तेजस्वी और उनके माता-पिता से अपनी पहली मुलाकात के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने यह भी बताया कि तेजस्वी को अक्सर गलत समझा जाता है.
भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के पॉडकास्ट पर करण कुंद्रा ने कहा, ‘मैंने उनके माता-पिता के साथ 30 मिनट बिताए, जिसके बाद उनकी मां ने कहा कि ले जा, लड़की लेकर जा, अभी लेकर जा. वे बहुत प्यारे और सिंपल लोग हैं और तेजस्वी भी बहुत नॉर्मल और वह जमीन से जुड़ी हुई है. वह अक्सर बहुत बॉसी होती है, लेकिन उसकी सबसे अच्छी बात यह है कि वह दबती नहीं है. आप उस पर हावी नहीं हो सकते हैं. अगर मैं उसे किसी चीज के पीछे का लॉजिक नहीं समझा पाता, तो वह काम नहीं करेगा. वह इस मामले में बहुत स्मार्ट है.’
बहुत मेहनती हैं तेजस्वी प्रकाश
करण कुंद्रा ने तेजस्वी प्रकाश की मेहनत और डेडिकेशन की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘तेजस्वी आज भी बहुत मेहनत कर रही हैं. अब वह मास्टरशेफ कर रही हैं, और उन्होंने दिसंबर एंड से शूटिंग शुरू की है और तब से मैं उनसे केवल चार बार मिला हूं. वह दूसरों की तुलना में दोगुनी मेहनत करती हैं. 12 घंटे की शूटिंग के बाद वह 2 घंटे के लिए वीडी देती हैं और फिर ग्रूमिंग सेशन करती हैं. कभी-कभी वह मेरे घर पर ही रुक जाती हैं. सुबह मैं उन्हें ढूंढता हूं और वह मेरे कुक के साथ कुछ तैयार करने में बिजी होती हैं. उन्होंने खतरों के खिलाड़ी में लगभग जीत हासिल कर ली थी, अगर उनकी आंख में चोट न लगी होती, तो वह शो जीत जातीं.’
तेजस्वी को गलत समझते हैं लोग
करण ने बताया कि कि तेजस्वी को अक्सर गलत समझा जाता है. उन्होंने कहा कि लोग सोचते हैं कि वह दूसरों का सम्मान नहीं करतीं, लेकिन ऐसा नहीं है. उन्होंने कहा, ‘लोग सोचते हैं कि वह दूसरों की रिस्पेक्ट नहीं करतीं, लेकिन ऐसा नहीं है. वह इंसान को इंसान समझती है. वह इस बात को महत्व नहीं देतीं कि आप कितने अमीर हैं या आपकी हैसियत क्या है, वह लोगों के काम से इम्प्रेस होती हैं.’
करण पर क्यों जताती हैं अपना हक?
उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे भी उनके बारे में धीरे-धीरे ये बात समझ आई है. उनका जीवन के प्रति नजरिया अलग है. उनके ज्यादा दोस्त नहीं हैं. वह तभी आपके करीब आएंगी, जब वह आपसे जुड़ाव महसूस करेंगी. तभी वह आप पर हक जताएंगी. कभी-कभी वह कुछ बातें कह देती हैं, लेकिन ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वह जानती हैं कि मुझ पर उनका क्या अधिकार है. लेकिन जब लोग उन्हें मेरे प्रति पजेसिव होते देखते हैं, तो वे उन्हें गलत समझ लेते हैं. वह सिर्फ मेरे साथ ही ऐसी हैं, इसलिए आपको उन्हें समझने के लिए समझदारी दिखानी होगी’.

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