शेर नहीं इस नवरात्र हाथी पर सवार होकर आएंगी माता रानी, जानें इस बदलाव के शुभ संकेत!
सनातन धर्म में चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष का खास महत्व है. हर साल हिंदू नववर्ष से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है. नवरात्रि के नौ दिनों तक मां जगत जननी, जगदंबा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. हिंदू नववर्ष की शुरुआत चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होती है. हिंदू नववर्ष के दिन ही भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी, इसलिए यह दिन सनातन धर्म में खास महत्व रखता है.
गज पर सवार होकर आएगी माता रानी
अयोध्या के ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार माता का आगमन गज यानी हाथी पर हो रहा है. यह वर्ष बहुत शुभकारी होगा और इस वर्ष के देवता सूर्य होंगे, क्योंकि इस वर्ष का प्रारंभ रविवार को हो रहा है. साथ ही नवरात्रि का समापन भी रविवार को ही होगा, जो भगवान राम के जन्मोत्सव के साथ होगा. इस बार नवरात्रि विशेष फलदाई होगी, हर दिशा में मंगल ही मंगल होगा. माता के प्रति सम्मान और सात्विकता का स्तर भी बढ़ेगा.
ये नवरात्रि होगी बेहद फलदायी
इस बार नवरात्रि बहुत शुभकारी और फलकारी होगी. माता का आगमन गज पर हो रहा है, जिससे पूरे विश्व में मंगल होगा. मां जगदंबा रविवार के दिन गज पर आ रही हैं, और इस वर्ष के देवता भगवान सूर्य होंगे. इससे देश में सात्विकता बढ़ेगी और संसार में मंगल का वातावरण बनेगा. अयोध्या के ज्योतिषियों ने बताया कि माता का गज पर आगमन इस बात का प्रतीक है कि इस वर्ष सात्विकता बढ़ेगी और माता के प्रति सम्मान भी बढ़ेगा. इसके अलावा, इस वर्ष रविवार को हिंदी नववर्ष का प्रारंभ हो रहा है, इस कारण वर्ष के देवता भगवान सूर्य होंगे. नवरात्रि का समापन भी रविवार को भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव (चैत्र की नवमी) पर होगा.

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