पार्षद कालरा हमले के आरोपी नेपाल में छिपे, जीतू भी उनके साथ, अब तक 16 गिरफ्तार
इंदौर । भाजपा पार्षद कमलेश कालरा के घर पर हुए हमले को 16 दिन बीत चुके है, लेकिन अभी तक 40 में से सिर्फ 16 आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर गठित एसआईटी का काम भी ठंडा पड़ा है। हमले का मुख्य आरोपी पुलिस पार्षद जीतू यादव का भाई अभिषेक उर्फ अवि भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस को पता चला है कि जीतू यादव के साथ अवि और अन्य आरोपी नेपाल में फरारी काट रहे है, हालांकि अभी इस केस में जीतू आरोपी नहीं बना है, लेकिन वह भी पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शहर से गायब हो गया था। फरार कुछ आरोपियों के परिजनों से पुलिस ने पूछताछ की है। उनके नेपाल में होने की जानकारी मिली है,हालांकि पुलिस को कोई दल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नहीं गया है।
16 लोग हो चुके है गिरफ्तार
हमले के 16 आरोपियों अभी तक पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में यहीं बताया कि जीतू के भाई अवि ने ही सबको इकट्ठा किया था और पार्षद कालरा के सिंधी काॅलोनी के निवास पर ले गया था। कालरा के नहीं मिलने पर उनके नाबालिग बेटे के साथ आरोपियों ने बदसलूकी की थी और घर में तोड़फोड़ भी की।
पांच दिनों तक तो पुलिस और भाजपा संगठन आपसी विवाद मानकर मामले को ज्यादा तूल देने से बचता रहा, लेकिन पार्षद के बेटे के साथ हुई बदसलूकी का वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री यादव ने इसे गंभीरता से लिया और फिर पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई। इसके बाद तो जीतू को संगठन ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने भी महापौर परिषद सदस्य से यादव को हटा दिया।

मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण